[Poetry] “आज तुम्हारी बोहोत याद आरही है”

आज तुम्हारी बोहोत याद आरही है।यूं तो प्यार हम तुमसे करते हैपर यह प्यार आज बोहोत सता रही है।कागज के इस पन्ने पर,शब्दों के कुछ आसू बिखेर दिए हैं,सुनना चाहोगे? सुनना चाहोगे इस आशिक दिल का इजहार?आज तुम्हारी बोहोत याद आरही है।चेहरे से मानो हशी मिट गई है,हशी की वजह जो तुम हो।यूं बेवजह , …